Sunday, August 21, 2016

जय अम्बे जगदम्बे माँ तेरे दम से है दुनिया

जय अम्बे जगदम्बे माँ, तेरे दम से है दुनिया
तेरी महिमा कोई न जाने, तुझसे कौन बचा है यहाँ

दृष्टि दया की जिसपे डाले तू उसका उद्धार करे
कल्याणी भव सागर से सबका बेड़ा पार करे
खाली झोली भरने वाली, किसको दे दे कब कितना
तेरी महिमा कोई न जाने, तुझसे कौन बचा है यहाँ
जय अम्बे जगदम्बे माँ, तेरे दम से है दुनिया
तेरी महिमा कोई न जाने, तुझसे कौन बचा है यहाँ


अँधेरे में बन के उजाला, भटके जनों को राह दिखा
मैया कर संतों की रक्षा, शैतानों को आज मिटा
ज़ालिम को ऐसी सज़ा दे, रह जाये ना कोई निशाँ
तेरी महिमा कोई न जाने, तुझसे कौन बचा है यहाँ
जय अम्बे जगदम्बे माँ, तेरे दम से है दुनिया
तेरी महिमा कोई न जाने, तुझसे कौन बचा है यहाँ

हे माँ रानी देवी भवानी, ज्योति जलाने आया हूँ
जोतां वाली माता काली, तुझको मनाने आया हूँ
हे मेहर वैष्णव दुर्गा चण्डी, बस तेरे गुण गाऊँगा
बरस बरस मैं इन चरणों पे, श्रद्धा फूल चढ़ाऊँगा
हे रुक जायेगा दर पे तेरे, गर तूफ़ान भी आयेगा
मेरे सर पे हाथ है तेरा, मुझको कौन मिटायेगा


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