Sunday, August 21, 2016

यहां वह जहा तह मत पूछो कहा कहा है

जय संतोषी मां.....जय संतोषी मां.....जय संतोषी मां
यहां वहां जहाँ तहां मत पूछो कहाँ कहाँ है संतोषी मां 
अपनी संतोषी मां अपनी संतोषी मां
जल में भी थल में भी चल में अचल में भी अटल विटल में भी माँ 
अपनी संतोषी मां अपनी संतोषी मां
यहां वहां जहाँ तहां मत पूछो कहाँ कहाँ है संतोषी मां 
अपनी संतोषी मां अपनी संतोषी मां

बड़ी अनोखी चमत्कारिणी, ये अपनी मई 
ये अपनी मई, ये अपनी मई 
राइ को पर्वत कर देती, पर्वत को राइ 
पर्वत को राइ, पर्वत को राइ  
द्वार खुला दरबार खुला है, आओ बहन भाई 
इसके दर पर कभी दया की, कमी नहीं आई 
दया की कमी नहीं आई 
पल में निहाल करे, दुःख का निकल करे-2
तुरत कमाल करे माँ 
अपनी संतोषी मां अपनी संतोषी मां
यहां वहां जहाँ तहां मत पूछो कहाँ कहाँ है संतोषी मां 
अपनी संतोषी मां अपनी संतोषी मां

इस अम्बा में, जगदम्बा में, गजब की है शक्ति 
गजब की है शक्ति, गजब की है शक्ति 
चिंता में डूबे हुए लोंगो, कर लो इसकी भक्ति 
कर लो इसकी भक्ति, कर लो इसकी भक्ति 
अपना जीवन सोंप दो इसको, पा लो रे मुक्ति 
सुख संपत्ति की दाता ये माँ, क्या नहीं कर सकती 
माँ ये क्या नहीं कर सकती 
बिगड़ी बनाने वाली, दुखड़े मिटाने वाली-2
कस्ट हटाने वाली माँ 
अपनी संतोषी मां अपनी संतोषी मां
यहां वहां जहाँ तहां मत पूछो कहाँ कहाँ है संतोषी मां 
अपनी संतोषी मां अपनी संतोषी मां

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