फूल अगर मे होता, भवन माँ तेरा, महकता शान से
तेरे चरणों से नित मिलता, ममता की छाया में खिलता,
दर से कभी ना तेरे हिलता
फूल अगर मे
होता...........................................
कुह-कुह करके द्वारे रटन लगाता,
सावन मे मैया तुझको कजरी सुनाता-2
सावन मे मैया तुझको कजरी सुनाता
कोयल अगर में होता, मन्दिर में गाता गीत बड़ी
शान से
फूल अगर मे
होता...........................................
किस्मत सजाई होती, अगर मेरी राम ने,
रहता सदा में तेरी, अंखियों के सामने-2
रहता सदा में तेरी, अंखियों के सामने
काजल अगर में होता, आँखों में तेरी, मुस्काता शान से
फूल अगर मे
होता...........................................
घिरती घटायें जब नील असमान में,
पंख फेला के पन्ना, नाचता माँ शान से-2
पंख फेला के पन्ना, नाचता माँ शान से
मोर अगर में होता, में नाच बेधड़क, दिखलाता शान से
फूल अगर मे
होता...........................................
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